विदेश

इस्लामाबाद वार्ता: 21 घंटे बाद भी कोई समझौता नहीं, रविवार को फिर होगी बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच इस्लामाबाद में 21 घंटे से अधिक चली ऐतिहासिक वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बातचीत खत्म होने के बाद साफ कहा — “बुरी खबर यह है कि हम किसी समझौते पर नहीं पहुँचे।” हालाँकि, दोनों पक्षों ने रविवार को वार्ता जारी रखने पर सहमति जताई है।

21 घंटे चली बातचीत, कोई नतीजा नहीं

शनिवार दोपहर शुरू हुई यह वार्ता रात के 2 बजे के पार चलती रही। ईरान की सरकार ने एक्स पर लिखा — “14 घंटे बाद बातचीत अभी के लिए रुकी है। कुछ मतभेद बाकी हैं, लेकिन बातचीत जारी रहेगी।” इसके बाद दोनों दल रविवार को फिर मिले और एक नया दौर शुरू हुआ।

वेंस की सख्त टिप्पणी

वेंस ने वार्ता के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि यह बुरी खबर ईरान के लिए अमेरिका से कहीं ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका की सबसे बड़ी माँग थी कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की पक्की प्रतिबद्धता दे — जो अभी तक नहीं मिली।

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होर्मुज जलडमरूमध्य पर बड़ा गतिरोध

पाकिस्तानी सूत्रों ने बताया कि वार्ता का समग्र माहौल सकारात्मक रहा, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण के सवाल पर गतिरोध बना हुआ है। ईरान के वार्ता दल के एक सूत्र ने बताया कि अमेरिका ने जलडमरूमध्य और कई अन्य मुद्दों पर “अस्वीकार्य माँगें” रखी हैं। ईरानी मीडिया ने भी अमेरिका पर “अत्यधिक माँगें” रखने का आरोप लगाया।

ईरान की 4 गैर-समझौतायोग्य शर्तें

ईरान के तासनीम न्यूज़ एजेंसी के अनुसार तेहरान ने वार्ताकारों के सामने 4 शर्तें रखी हैं:

  • होर्मुज जलडमरूमध्य पर पूर्ण संप्रभुता
  • युद्ध में हुए नुकसान का पूरा मुआवजा
  • जमी हुई ईरानी संपत्तियों की बिना शर्त रिहाई
  • पूरे पश्चिम एशिया में स्थायी युद्धविराम

अमेरिकी नौसेना ने होर्मुज में प्रवेश किया

वार्ता के बीच एक बड़ी घटना यह रही कि अमेरिका के 2 गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरे — युद्ध शुरू होने के बाद यह पहली बार हुआ। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा कि उसने जलडमरूमध्य में ईरानी समुद्री सुरंगों को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालाँकि, ईरानी मीडिया ने इसका खंडन किया।

ट्रम्प का बयान — “हम किसी भी हाल में जीतते हैं”

राष्ट्रपति ट्रम्प ने व्हाइट हाउस से मीडिया को बताया कि अमेरिका को किसी भी नतीजे से फर्क नहीं पड़ता। “हम जीत चुके हैं। हमने उस देश को पूरी तरह हरा दिया है। चाहे डील हो या न हो — अमेरिका जीतता है,” उन्होंने कहा।

पाकिस्तान को उम्मीद बरकरार

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष रचनात्मक बातचीत जारी रखेंगे। चीन, मिस्र, सऊदी अरब और कतर के अधिकारी भी इस्लामाबाद में मौजूद रहे और अप्रत्यक्ष रूप से वार्ता को सुविधाजनक बनाने में मदद की। यह वार्ता 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सबसे उच्च स्तरीय आमने-सामने की बातचीत है — और रविवार को इसका अगला दौर शुरू हो चुका है।

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Amar Gupta

F96 News की संपादकीय टीम देश-विदेश की ताज़ा और सटीक खबरें 24x7 आप तक पहुंचाती है।