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बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत का अनुमान: टुडेज़ चाणक्य ने दिया 192 सीट का अनुमान

बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत टुडेज़ चाणक्य एग्जिट पोल 192 सीट

कोलकाता। बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत मिलने का अनुमान है। टुडेज़ चाणक्य के एग्जिट पोल में बीजेपी को 294 में से 192 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है।

इस अनुमान के मुताबिक, ममता बनर्जी की टीएमसी को केवल 100 सीटें मिल सकती हैं। यह अन्य एग्जिट पोल्स की तुलना में बीजेपी के लिए सबसे बड़ा अनुमान है। आधिकारिक नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

टुडेज़ चाणक्य का एग्जिट पोल: बीजेपी को 192 सीट

टुडेज़ चाणक्य ने अपने एग्जिट पोल में बीजेपी को स्पष्ट बहुमत का अनुमान दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुल 294 सीटें हैं और बहुमत के लिए 148 सीटों की जरूरत होती है।

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इस अनुमान के अनुसार:

  • बीजेपी: 192 सीटें (बहुमत से 44 सीट आगे)
  • टीएमसी: 100 सीटें
  • अन्य दल: 2 सीटें

यह आंकड़ा बीजेपी के लिए एक बड़ी जीत का संकेत देता है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो बंगाल में ममता बनर्जी की 15 साल की सत्ता समाप्त हो जाएगी।

अन्य एग्जिट पोल्स में क्या आया?

टुडेज़ चाणक्य का यह अनुमान अन्य एग्जिट पोल्स से अलग है। कई एजेंसियों ने अलग-अलग आंकड़े दिए हैं:

चाणक्य स्ट्रैटीजीज:

  • बीजेपी: 150-160 सीटें
  • टीएमसी: 130-140 सीटें

मैट्रिक्स:

  • बीजेपी: 146-161 सीटें
  • टीएमसी: 125-140 सीटें

पी-मार्क:

  • बीजेपी: 150-175 सीटें
  • टीएमसी: 118-138 सीटें

पोल डायरी:

  • बीजेपी: 142-171 सीटें
  • टीएमसी: 99-127 सीटें

प्रजा पोल:

  • बीजेपी: 178-208 सीटें
  • टीएमसी: 85-110 सीटें

पीपुल्स पल्स (अलग अनुमान):

  • टीएमसी: 177-187 सीटें
  • बीजेपी: 95-110 सीटें

अधिकतर एग्जिट पोल्स में बीजेपी को बढ़त दी गई है। केवल पीपुल्स पल्स ने टीएमसी की जीत का अनुमान लगाया है।

एग्जिट पोल में बीजेपी आगे क्यों?

विशेषज्ञों के अनुसार, कई कारक बीजेपी के पक्ष में काम कर रहे हैं:

विकास का मुद्दा – प्रधानमंत्री मोदी ने विकास और सुशासन का एजेंडा रखा। मतदाताओं ने इस पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।

भ्रष्टाचार के आरोप – टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे। मतदाता परिवर्तन चाहते हैं।

केंद्रीय योजनाओं का प्रभाव – पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं का असर दिखा।

हिंदू वोट बैंक – बीजेपी ने हिंदू वोटों को एकजुट करने में सफलता पाई।

टीएमसी का प्रदर्शन चिंताजनक

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के लिए ये आंकड़े चिंताजनक हैं। 2021 के चुनाव में टीएमसी ने 213 सीटें जीती थीं।

अगर टुडेज़ चाणक्य का अनुमान सही रहा तो टीएमसी की सीटों में भारी गिरावट आएगी। 213 से घटकर 100 सीटें – यह 53% की गिरावट होगी।

राज्य की जनता ने शायद बदलाव की इच्छा जताई है। पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार इस बार भारी मतदान हुआ।

बीजेपी की रणनीति कामयाब?

बीजेपी ने बंगाल में जोरदार प्रचार अभियान चलाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कई रैलियां कीं। गृह मंत्री अमित शाह ने जमीनी स्तर पर काम किया।

पार्टी ने जाति, धर्म और विकास – तीनों मुद्दों पर संतुलित रणनीति बनाई। स्थानीय नेताओं को मजबूत किया गया।

शुभेंदु अधिकारी, दिलीप घोष जैसे नेताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पार्टी संगठन को मजबूत बनाया गया।

कांग्रेस-लेफ्ट का प्रदर्शन

एग्जिट पोल्स के अनुसार, कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट का प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। अधिकतर सर्वे में इन्हें 0-3 सीटें ही मिलने का अनुमान है।

कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन बीजेपी और टीएमसी के बीच की लड़ाई में कहीं नहीं टिक पाया। वोट शेयर भी बेहद कम रहा।

बहरामपुर से अधीर रंजन चौधरी जैसे दिग्गज नेताओं की किस्मत भी दांव पर है।

प्रमुख सीटों पर नजर

कुछ सीटों पर खास नजर रहेगी:

नंदीग्राम – यहां शुभेंदु अधिकारी (बीजेपी) और टीएमसी उम्मीदवार के बीच सीधी लड़ाई है। 2021 में ममता बनर्जी यहां हार गई थीं।

सिलीगुड़ी – गौतम देव (टीएमसी) की प्रतिष्ठा दांव पर है।

माथाभांगा – पूर्व केंद्रीय मंत्री निशीथ प्रमाणिक (बीजेपी) यहां से लड़े हैं।

दिनहाटा – राज्य मंत्री उदयन गुहा (टीएमसी) के लिए चुनौतीपूर्ण सीट।

वोट प्रतिशत का गणित

पोल्स डायरी के आंकड़ों के मुताबिक:

  • बीजेपी: 45.87%
  • टीएमसी: 40.32%
  • लेफ्ट फ्रंट: 7.47%
  • कांग्रेस: 4.45%
  • अन्य: 1.75%

2021 में टीएमसी का वोट शेयर 49.24% था जबकि बीजेपी को 36.14% वोट मिले थे। अगर ये आंकड़े सही हैं तो वोट शेयर में बड़ा बदलाव आया है।

मतदान प्रतिशत

इस बार के चुनाव में भारी मतदान देखने को मिला। कई क्षेत्रों में 80% से अधिक मतदान हुआ।

ऊंचा मतदान आमतौर पर परिवर्तन की इच्छा दर्शाता है। विश्लेषकों का मानना है कि यह बीजेपी के पक्ष में जा सकता है।

पहले चरण में कई दिग्गज उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। भारत निर्वाचन आयोग की निगरानी में चुनाव संपन्न हुए।

एग्जिट पोल कितने सटीक?

एग्जिट पोल्स हमेशा सटीक नहीं होते। पिछले चुनावों में कई बार ये गलत साबित हुए हैं।

2021 के बंगाल चुनाव में भी कई एग्जिट पोल्स ने बीजेपी की जीत का अनुमान लगाया था। लेकिन टीएमसी ने 213 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी।

विशेषज्ञों का कहना है कि असली तस्वीर 4 मई को ही साफ होगी। तब तक एग्जिट पोल्स को संकेत के रूप में ही देखना चाहिए।

4 मई को नतीजे

आधिकारिक मतगणना 4 मई 2026 को होगी। उस दिन सभी 294 सीटों के नतीजे घोषित किए जाएंगे।

अगर बीजेपी जीतती है तो यह उत्तर भारत के बाद पूर्वी भारत में भी पार्टी का विस्तार होगा। पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनेगी।

वहीं अगर टीएमसी जीतती है तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। यह एक बड़ी राजनीतिक उपलब्धि होगी।

बंगाल में बीजेपी को प्रचंड बहुमत का अनुमान चर्चा का विषय बना हुआ है। 4 मई को असली जवाब मिलेगा।

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Gurpreet Singh

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