डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका G20 का बहिष्कार किया: ‘श्वेत नरसंहार’ के आरोपों पर अमेरिका नहीं लेगा हिस्सा

डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका में G20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी भागीदारी रद्द कर दी है, इसे "कुल अपमान" बताया है। उन्होंने प्रिटोरिया पर गोरे अफ्रिकानर किसानों के खिलाफ हिंसा और जमीन जब्त करने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने "श्वेत नरसंहार" कहा। ट्रम्प ने कहा कि जब तक ये हनन जारी रहेंगे, कोई अमेरिकी अधिकारी शामिल नहीं होगा। दक्षिण अफ्रीका इन दावों को "निराधार" बताता रहा है।
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने आगामी G20 शिखर सम्मेलन में अमेरिकी भागीदारी रद्द कर दी है, जो इस महीने के अंत में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित होने वाला है। ट्रम्प ने प्रिटोरिया पर गोरे अफ्रिकानर किसानों को सताने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने “पूरी तरह से अपमानजनक” बताया।

खबर की मुख्य बातें:

  • डोनाल्ड ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका में G20 का बहिष्कार किया
  • ‘श्वेत नरसंहार’ और अफ्रिकानर किसानों पर अत्याचार का आरोप
  • कोई भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होगा – JD Vance भी नहीं
  • ट्रम्प: “दक्षिण अफ्रीका को G20 से बाहर निकाल देना चाहिए”
  • प्रिटोरिया ने आरोपों को “निराधार और झूठा” बताया
  • 30% टैरिफ – किसी भी sub-Sahara देश के लिए सबसे अधिक
  • 2026 G20 की मेजबानी ट्रम्प करेंगे – मियामी के अपने golf resort में

ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीका में G20 में अमेरिकी भागीदारी रद्द की

डोनाल्ड ट्रम्प ने घोषणा की है कि दक्षिण अफ्रीका में आगामी G20 शिखर सम्मेलन में कोई भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी शामिल नहीं होगा। राष्ट्रपति ट्रम्प ने अपने इस फैसले के पीछे प्रिटोरिया पर गोरे अफ्रिकानर किसानों (Afrikaner farmers) पर अत्याचार करने का गंभीर आरोप लगाया है।

JD Vance की यात्रा भी रद्द

इससे पहले, ट्रम्प ने कहा था कि उप राष्ट्रपति जेडी वेंस (JD Vance) दुनिया की अग्रणी और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के वार्षिक सम्मेलन में वाशिंगटन का प्रतिनिधित्व करेंगे।

हालांकि, एसोसिएटेड प्रेस के अनुसार, वेंस की योजनाओं से परिचित एक व्यक्ति ने पुष्टि की है कि उप राष्ट्रपति अब दक्षिण अफ्रीका की यात्रा नहीं करेंगे

यह निर्णय G20 जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच से अमेरिका की अनुपस्थिति को दर्शाता है, जो वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा कदम है।

‘कुल अपमान’ और ‘श्वेत नरसंहार’ के आरोप

ट्रम्प ने अपने ट्रुथ सोशल (Truth Social) प्लेटफॉर्म पर लिखते हुए कहा:

“यह एक कुल अपमान है कि G20 दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया जाएगा”

उन्होंने अफ्रिकानरों के खिलाफ “दुर्व्यवहारों” का हवाला दिया, जिसमें शामिल हैं:

  • हिंसा और मौतें
  • भूमि और खेतों की जब्ती
  • व्यवस्थित उत्पीड़न

अफ्रिकानर किसानों पर विशिष्ट आरोप

ट्रम्प ने आरोप लगाया है:

“अफ्रिकानरों (जो डच बसने वालों, और साथ ही फ्रांसीसी और जर्मन आप्रवासियों के वंशज हैं) को मारा और वध किया जा रहा है, और उनकी भूमि और खेतों को अवैध रूप से जब्त किया जा रहा है”।

‘श्वेत नरसंहार’ की धारणा

अमेरिकी राष्ट्रपति की ये टिप्पणियाँ दक्षिण अफ्रीका में तथाकथित “श्वेत नरसंहार” (white genocide) की उनकी पुरानी धारणा को पुनर्जीवित करती हैं।

उन्होंने आगे कहा:

“जब तक ये मानवाधिकारों का हनन जारी रहता है, कोई भी अमेरिकी सरकारी अधिकारी इसमें शामिल नहीं होगा”।

ट्रम्प ने यहाँ तक कह दिया कि दक्षिण अफ्रीका को “G20 से बाहर निकाल देना चाहिए”।

प्रिटोरिया द्वारा आरोपों को खारिज करना

दक्षिण अफ्रीका सरकार ने लंबे समय से ट्रम्प के इन दावों को “निराधार” बताकर खारिज किया है। अधिकार समूहों और दक्षिण अफ्रीकी सरकार ने बार-बार “श्वेत नरसंहार” के इन दावों का खंडन किया है।

राष्ट्रपति रामफोसा का स्पष्टीकरण

इस वर्ष की शुरुआत में एक बैठक के दौरान, दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (Cyril Ramaphosa) ने कथित तौर पर ट्रम्प से कहा था कि गोरे किसानों के खिलाफ भेदभाव के आरोप “पूरी तरह से झूठे” हैं।

वास्तविक स्थिति

दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने जोर देकर कहा है कि:

  • रंगभेद (apartheid) की समाप्ति के दशकों बाद भी
  • गोरे नागरिकों का जीवन स्तर अश्वेत बहुमत की तुलना में अभी भी उच्च बना हुआ है
  • Economic inequality अभी भी racial lines के साथ मौजूद है

एपी (AP) के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन ने रंगभेद के बाद की दक्षिण अफ्रीकी सरकार पर अल्पसंख्यक गोरे किसानों पर हमलों से आँखें मूंदने का आरोप लगाना जारी रखा है।

बढ़ते तनाव और विवादित मुद्दे

वाशिंगटन और प्रिटोरिया के बीच संबंध पहले से ही कई विवादास्पद मुद्दों पर तनावपूर्ण रहे हैं।

1. टैरिफ (Tariffs)

ट्रम्प ने दक्षिण अफ्रीकी आयातों पर 30 प्रतिशत का भारी टैरिफ लगाया है, जो किसी भी उप-सहारा राष्ट्र के लिए सबसे अधिक है। यह economic pressure का एक major tool है।

2. आईसीजे (ICJ) पर विवाद

ट्रम्प ने अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय (International Court of Justice) में इज़राइल के खिलाफ नरसंहार का मामला दायर करने के दक्षिण अफ्रीका के फैसले की आलोचना की है।

यह मुद्दा अमेरिका-दक्षिण अफ्रीका संबंधों में एक major irritant बना हुआ है।

3. शरणार्थी नीति

इस वर्ष की शुरुआत में, वाशिंगटन ने:

  • शरणार्थी प्रवेश को इतिहास में सबसे कम 7,500 तक सीमित करने की योजना की घोषणा की
  • उन गोरे दक्षिण अफ्रीकियों को प्राथमिकता दी गई
  • जिनके बारे में अमेरिका का दावा है कि वे “भेदभाव और हिंसा” का सामना कर रहे हैं

यह policy highly controversial रही है और इसे racial bias के रूप में देखा गया है।

4. पिछली घटनाएँ

जनवरी में व्हाइट हाउस लौटने पर:

  • ट्रम्प ने कथित तौर पर ओवल ऑफिस में रामफोसा का सामना किया था
  • उन्हें गोरे किसानों के खिलाफ अभियान का आरोप लगाने वाला एक वीडियो दिखाया गया था
  • यह confrontational diplomacy का एक example था

5. विदेश मंत्री रुबियो का बहिष्कार

इससे पहले, विदेश मंत्री मार्को रुबियो (Marco Rubio) ने G20 विदेश मंत्रियों की एक बैठक का बहिष्कार किया था क्योंकि यह:

  • विविधता (Diversity)
  • समावेशन (Inclusion)
  • जलवायु परिवर्तन (Climate Change)

पर केंद्रित थी—ऐसे विषय जिन्हें ट्रम्प प्रशासन ने “वैचारिक” बताकर खारिज कर दिया था।

भविष्य की G20 योजनाएँ: मियामी 2026

डोनाल्ड ट्रम्प ने यह भी उल्लेख किया कि वह 2026 G20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए उत्सुक हैं, जो:

  • संयुक्त राज्य अमेरिका में आयोजित होगा
  • मियामी, फ्लोरिडा में
  • उनके अपने गोल्फ रिसॉर्ट में

यह announcement controversial रहा है क्योंकि:

  • Personal property पर international summit
  • Potential conflicts of interest
  • Diplomatic protocol के questions

वैश्विक प्रतिक्रिया और निहितार्थ

इस निर्णय के कई व्यापक निहितार्थ हैं:

कूटनीतिक प्रभाव

  • G20 में अमेरिका की अनुपस्थिति एक major diplomatic snub है
  • यह multilateral engagement से America First policy की ओर shift दर्शाता है
  • अन्य देश इस vacuum को भर सकते हैं

दक्षिण अफ्रीका पर प्रभाव

  • International platform पर embarrassment
  • Economic pressure (30% tariff) जारी रहेगा
  • Bilateral relations और खराब हो सकते हैं

G20 की credibility

  • Major economy की absence से G20 की effectiveness पर सवाल
  • यह precedent अन्य देशों को भी boycott के लिए प्रोत्साहित कर सकता है

विवाद का विश्लेषण

यह मुद्दा कई स्तरों पर complex है:

ऐतिहासिक संदर्भ

  • Apartheid की legacy अभी भी दक्षिण अफ्रीका में मौजूद है
  • Land reform एक sensitive issue है
  • Racial tensions अभी भी exist करते हैं

तथ्य vs धारणा

  • “White genocide” narrative को broadly discredited किया गया है
  • Farm murders occur करती हैं, but targeted campaign का evidence limited है
  • Crime rates generally high हैं, सभी communities के लिए

Political motivations

  • ट्रम्प की base में यह narrative popular है
  • यह domestic political considerations reflect कर सकता है
  • International relations secondary हो सकते हैं

डोनाल्ड ट्रम्प का यह निर्णय अमेरिका की foreign policy में एक significant shift दर्शाता है। G20 जैसे महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय मंच से अनुपस्थिति न केवल अमेरिका-दक्षिण अफ्रीका संबंधों को प्रभावित करेगी, बल्कि multilateral diplomacy में अमेरिका की भूमिका पर भी सवाल उठाएगी।

अब देखना होगा कि दक्षिण अफ्रीका और अन्य G20 सदस्य देश इस boycott पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं, और क्या यह precedent भविष्य के international summits को प्रभावित करेगा।

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