केन्द्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने भ्रष्टाचार के एक बड़े मामले में पंजाब पुलिस के उप महानिरीक्षक (DIG) हरचरन सिंह भुल्लर को गिरफ्तार किया है। यह मामला कथित तौर पर ₹8 लाख की रिश्वत मांगने से शुरू हुआ था, लेकिन इसके बाद ₹5 करोड़ नकद सहित विशाल और अस्पष्ट संपत्ति के सबूत सामने आए हैं।
हरचरन सिंह भुल्लर पंजाब में रूपनगर रेंज (Ropar Range) में उप महानिरीक्षक (DIG) के पद पर तैनात एक वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं।
खबर की मुख्य बातें:
- DIG हरचरन सिंह भुल्लर को CBI ने किया गिरफ्तार
- ₹8 लाख की रिश्वत मांगने का मामला
- छापेमारी में बरामद हुए ₹5 करोड़ नकद (गिनती जारी)
- 22 लक्ज़री घड़ियाँ जब्त की गईं
- 1.5 किलोग्राम आभूषण बरामद
- मर्सिडीज और ऑडी की चाबियां मिलीं
- 40 लीटर आयातित शराब जब्त
- डबल बैरल बंदूक, पिस्तौल, रिवॉल्वर बरामद
- शिकायतकर्ता आकाश बट्टा (कबाड़ व्यापारी, फतेहगढ़ साहिब)
- सहयोगी कृष्णा को रंगे हाथों पकड़ा गया
- चंडीगढ़ सेक्टर 21 में बिछाया गया जाल
- रूपनगर रेंज के DIG थे भुल्लर
शिकायत और जाल बिछाना
यह मामला गुरुवार को सीबीआई द्वारा दर्ज किया गया था, जो कि पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में रहने वाले आकाश बट्टा नामक एक कबाड़ व्यापारी द्वारा पांच दिन पहले दी गई लिखित शिकायत के बाद शुरू हुआ था। शिकायतकर्ता बट्टा ने आरोप लगाया था कि डीआईजी भुल्लर उन्हें एक मनगढ़ंत मामले में फंसाने की धमकी दे रहे थे।
रिश्वत की मांग
इस मामले में फंसाने से बचने के लिए, डीआईजी ने कबाड़ व्यापारी से शुरुआती रिश्वत के तौर पर ₹8 लाख और इसके बाद मासिक “निपटान” भुगतान (monthly “settlement” payments) की मांग की थी।
सीबीआई की प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, भुल्लर ने मांग की थी कि यह भुगतान उनके सहयोगी कृष्णा के माध्यम से किया जाए। बट्टा के दावों को सत्यापित करने के लिए, सीबीआई ने चंडीगढ़ के सेक्टर 21 में आईपीएस अधिकारी के खिलाफ एक जाल बिछाया।
सहयोगी रंगे हाथों पकड़ा गया
ऑपरेशन के दौरान, भुल्लर के सहयोगी कृष्णा को डीआईजी की ओर से ₹8 लाख लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया।
डीआईजी भुल्लर की गिरफ्तारी
₹8 लाख सौंपे जाने के तुरंत बाद, शिकायतकर्ता और डीआईजी के बीच एक नियंत्रित कॉल की व्यवस्था की गई। इस कॉल के दौरान, अधिकारी (भुल्लर) ने भुगतान की प्राप्ति को स्वीकार किया और दोनों व्यक्तियों (शिकायतकर्ता और सहयोगी) को अपने कार्यालय आने का निर्देश दिया।
मोहाली कार्यालय में पकड़े गए
इसके बाद, सीबीआई टीम ने डीआईजी भुल्लर को मोहाली में उनके कार्यालय में खोज निकाला। डीआईजी भुल्लर को उनके मोहाली कार्यालय में रंगे हाथों रिश्वत स्वीकार करते हुए पकड़ा गया, और बाद में सीबीआई टीम ने औपचारिक रूप से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जब्त की गई विशाल संपत्ति
जांच एजेंसी ने गिरफ्तार पंजाब पुलिस डीआईजी हरचरन सिंह भुल्लर से जुड़े परिसरों पर छापेमारी की। इस छापेमारी में, सीबीआई ने लगभग ₹5 करोड़ नकद (और यह गिनती जारी है) बरामद किए हैं।
नकद के अलावा, अधिकारियों ने अस्पष्ट संपत्ति (unexplained wealth) के रूप में कई अन्य कीमती सामान भी जब्त किए हैं:
आभूषण और लक्ज़री सामान
आभूषण: लगभग 1.5 किलोग्राम आभूषण जब्त किए गए।
लक्ज़री घड़ियाँ: कुल 22 लक्ज़री घड़ियाँ जब्त की गईं।
वाहन
वाहन: दो लक्ज़री वाहनों (एक मर्सिडीज और एक ऑडी) की चाबियां बरामद की गईं।
अन्य बरामदगी
अन्य संपत्ति: संपत्ति के दस्तावेज, लॉकर की चाबियां, 40 लीटर आयातित शराब (imported liquor), और आग्नेयास्त्र (firearms) भी बरामद किए गए।
हथियार: आग्नेयास्त्रों में एक डबल बैरल बंदूक, एक पिस्तौल, एक रिवॉल्वर और एक एयरगन, साथ ही गोला-बारूद शामिल थे।
गंभीर भ्रष्टाचार का मामला
ये बरामदगी पंजाब में डीआईजी से जुड़े परिसरों से की गई। यह मामला भारत में पुलिस प्रशासन के भीतर उच्च-स्तरीय भ्रष्टाचार की गंभीरता को उजागर करता है, जहां ₹8 लाख की छोटी मांग ने ₹5 करोड़ की अस्पष्ट संपत्ति को उजागर कर दिया है।






