अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को घोषणा की कि इज़राइल और फिलिस्तीनी समूह हमास ने एक ऐतिहासिक शांति समझौते के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, जिससे गाजा से सभी बंधकों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। इस अभूतपूर्व घटना को सफल बनाने में कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
खबर की मुख्य बातें:
- इज़राइल और हमास ने शांति योजना के पहले चरण पर किए हस्ताक्षर
- सभी बंधकों की “बहुत जल्द” होगी रिहाई
- इज़राइली सेना एक सहमत रेखा तक होगी वापस
- गाजा युद्धविराम के सभी प्रावधानों पर बनी सहमति
- कतर, मिस्र और तुर्की ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
- ट्रंप ने इसे “स्थायी शांति” की दिशा में पहला कदम बताया
- नेतन्याहू गुरुवार को बुलाएंगे सरकारी बैठक
- हमास ने इज़राइल से समझौते को पूरी तरह लागू करने का किया आग्रह
यह समझौता 9 अक्टूबर, 2025 को घोषित किया गया, जिसमें विश्व के प्रमुख नेताओं और मध्यस्थों की लंबी बातचीत शामिल रही।
शांति योजना का पहला चरण: मुख्य प्रावधान
राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट के माध्यम से इस खबर की घोषणा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात की घोषणा करते हुए “बहुत गर्व” महसूस हो रहा है कि इज़राइल और हमास दोनों ने शांति योजना के पहले चरण पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।
इस पहले चरण के तहत निम्नलिखित प्रमुख कदम उठाए जाएंगे:
1. सभी बंधकों की रिहाई: ट्रंप ने कहा कि सभी बंधकों को “बहुत जल्द” रिहा कर दिया जाएगा। नेतन्याहू ने भी पुष्टि की है कि इज़राइल जल्द ही गाजा से सभी बंधकों को वापस ले आएगा।
2. सैनिकों की वापसी: इज़राइल अपनी सेना को एक सहमत रेखा तक वापस बुला लेगा।
3. स्थायी शांति की ओर कदम: ट्रंप ने इसे “मजबूत, टिकाऊ और चिरस्थायी शांति” की दिशा में पहला कदम बताया है।
राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि “सभी पक्षों के साथ उचित व्यवहार किया जाएगा!”। उन्होंने इस समझौते को अरब और मुस्लिम जगत, इज़राइल, सभी पड़ोसी राष्ट्रों और संयुक्त राज्य अमेरिका के लिए एक “महान दिन” बताया।
मध्यस्थों का ऐतिहासिक योगदान
ट्रंप ने इस “ऐतिहासिक और अभूतपूर्व घटना” को संभव बनाने के लिए कतर, मिस्र और तुर्की के मध्यस्थों को धन्यवाद दिया। ये मध्यस्थ इस शांति प्रक्रिया में अमेरिका के साथ मिलकर काम कर रहे थे।
इस घोषणा से पहले व्हाइट हाउस ने बताया था कि राष्ट्रपति शुक्रवार को वाल्टर रीड अस्पताल में अपनी नियमित शारीरिक जांच कराएंगे, जिसके तुरंत बाद वह मध्य पूर्व जाएंगे।
गाजा युद्धविराम पर मिली पुष्टि
सीएनएन ने एक कतरी अधिकारी का हवाला देते हुए बताया कि गाजा युद्धविराम समझौते के पहले चरण के सभी प्रावधानों और कार्यान्वयन तंत्रों पर सहमति बन गई है।
प्रधानमंत्री के सलाहकार डॉ. माजिद अल अंसारी ने एक्स पर पोस्ट किया कि मध्यस्थों ने पुष्टि की है कि आज रात (घोषणा की रात) एक समझौता हो गया है। इस समझौते से युद्ध समाप्त होगा, इज़राइली बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों की रिहाई होगी, और गाजा में मानवीय सहायता का प्रवेश सुनिश्चित किया जाएगा। विवरण की घोषणा बाद में की जाएगी।
समझौते से पहले, मिस्र के शर्म अल-शेख में गाजा युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही बातचीत के दौरान, हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया था कि समूह और इज़राइल के वार्ताकारों ने उन बंधकों और कैदियों की सूची का आदान-प्रदान किया था जिन्हें युद्धविराम समझौता होने पर रिहा किया जाएगा।
इज़राइली प्रतिक्रिया: नेतन्याहू की घोषणा
इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि वह ईश्वर की मदद से सभी बंधकों को घर वापस लाएंगे। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह हमास के साथ समझौते की पुष्टि करने और बंधकों को वापस लाने के लिए गुरुवार को सरकार की बैठक बुलाएंगे।
हमास की प्रतिक्रिया: समझौते को लागू करने पर जोर
फिलिस्तीनी समूह हमास ने बाद में एक बयान जारी किया। हमास ने राष्ट्रपति ट्रंप, समझौते के गारंटर राज्यों, और सभी अरब, इस्लामी तथा अंतर्राष्ट्रीय पक्षों से आह्वान किया कि वे कब्ज़ा करने वाली सरकार (इज़राइल) को समझौते के तहत अपनी दायित्वों को पूरी तरह से लागू करने के लिए मजबूर करें और उसे सहमति प्राप्त बातों को टालने या लागू करने में देरी करने से रोकें।
यह समझौता मध्य पूर्व में शांति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर हैं कि दोनों पक्ष इस समझौते को किस तरह लागू करते हैं।









