बिहार चुनाव चरण 1: 60.13% मतदान, डिप्टी सीएम के काफिले पर हमला और ‘बुर्का विवाद’

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में 121 सीटों पर 60.13% मतदान दर्ज किया गया। इस चरण ने तेजस्वी प्रसाद यादव (RJD) सहित कई वरिष्ठ नेताओं का भाग्य तय कर दिया है। मतदान के दौरान डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर कथित रूप से RJD समर्थकों द्वारा हमला किया गया, और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने 'बुर्का विवाद' को हवा दी।
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पटना, 06 नवंबर, 2025: बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में जोरदार भागीदारी देखने को मिली है। भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) द्वारा घोषित आंकड़ों के अनुसार, शाम 5:00 बजे तक 60.13% मतदाता मतदान दर्ज किया गया। इस चरण में कुल 18 जिलों की 121 सीटों पर मतदान हुआ। हालांकि चुनाव शाम 6:00 बजे समाप्त होना था, लेकिन सुरक्षा चिंताओं के कारण कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान का समय घटाकर शाम 5:00 बजे कर दिया गया था। अगले चरण का मतदान 11 नवंबर को होना है।

खबर की मुख्य बातें:

  • बिहार चुनाव चरण 1 में 60.13% मतदान दर्ज
  • 121 सीटों पर मतदान – 18 जिलों में
  • डिप्टी CM विजय कुमार सिन्हा के काफिले पर चप्पल, पत्थर और गोबर से हमला
  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का ‘बुर्का विवाद’ – पहचान के लिए चेहरा दिखाने की मांग
  • RJD ने बिजली कटौती का आरोप लगाया – EC ने खारिज किया
  • सबसे अधिक मतदान: बेगूसराय 67.32%, सबसे कम: बांकीपुर 40%
  • तेजस्वी यादव, सम्राट चौधरी, मंगल पांडे का भाग्य दांव पर
  • चरण 2: 11 नवंबर, मतगणना: 14 नवंबर

मतदान का विवरण और प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र

जिलों के हिसाब से मतदान प्रतिशत में काफी अंतर देखा गया।

जिलेवार मतदान प्रतिशत

जिला/निर्वाचन क्षेत्र मतदान प्रतिशत टिप्पणी
बेगूसराय 67.32% सर्वाधिक मतदान
गोपालगंज 64.96% दूसरा सबसे अधिक
मुजफ्फरपुर 64.63% उच्च मतदान
राघोपुर 64.01% प्रमुख निर्वाचन क्षेत्र
पटना 55.02% अपेक्षाकृत कम
बांकीपुर 40% सबसे कम मतदान
समग्र (शाम 5 बजे तक) 60.13% 121 सीटों पर

सबसे अधिक मतदान बेगूसराय जिले में हुआ, जहां 67.32% रिकॉर्ड किया गया। इसके बाद गोपालगंज (64.96%) और मुजफ्फरपुर (64.63%) में उच्च मतदान दर्ज किया गया। वहीं, पटना जिले में मतदान अपेक्षाकृत कम रहा, जो केवल 55.02% दर्ज हुआ।

प्रमुख निर्वाचन क्षेत्रों की बात करें तो राघोपुर में 64.01% मतदान हुआ। दूसरी ओर, बांकीपुर निर्वाचन क्षेत्र में सबसे कम मतदान दर्ज किया गया, जो मात्र 40% रहा।

प्रमुख नेताओं का भाग्य दांव पर

पहले चरण के मतदान ने कई वरिष्ठ और महत्वपूर्ण नेताओं के राजनीतिक भविष्य का फैसला कर दिया है। इस चरण में जिन प्रमुख नेताओं ने चुनाव लड़ा, उनमें शामिल हैं:

प्रमुख उम्मीदवार:

  • राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के तेजस्वी प्रसाद यादव
  • भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सम्राट चौधरी और मंगल पांडे
  • जनता दल (यूनाइटेड) – JD(U) के श्रवण कुमार और विजय कुमार चौधरी

ये सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में प्रमुख चेहरे हैं और इनकी जीत-हार बिहार की राजनीति पर गहरा प्रभाव डालेगी।

हिंसा और विवाद की घटनाएं

मतदान के दौरान कुछ महत्वपूर्ण घटनाएं और विवाद भी सामने आए, हालांकि दिन भर किसी बड़ी हिंसा की सूचना नहीं थी।

1. उप मुख्यमंत्री के काफिले पर हमला

सबसे बड़ी घटना तब हुई जब बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की कार को कथित तौर पर राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के समर्थकों ने घेर लिया।

हमले का विवरण:

  • इन समर्थकों ने उन पर चप्पल, पत्थर और गाय का गोबर फेंका
  • उप मुख्यमंत्री सिन्हा ने इस घटना के लिए RJD को दोषी ठहराया
  • उन्होंने कहा कि “ये RJD के गुंडे हैं”

डिप्टी CM का आरोप:

उन्होंने आरोप लगाया कि “वे जानते हैं कि NDA सत्ता में लौट रहा है, इसलिए उन्होंने गुंडागर्दी का सहारा लिया है”

उन्होंने कठोर शब्दों का इस्तेमाल करते हुए यह भी कहा:

“हम उनकी छाती पर बुलडोजर चलाएंगे”।

EC की कार्रवाई:

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुए बिहार के डीजीपी को उपद्रवियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

2. केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का ‘बुर्का विवाद’

सुबह के समय, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बुर्का पहने महिलाओं के मतदान को लेकर एक विवादित बयान दिया।

गिरिराज सिंह का बयान:

उन्होंने कहा कि अगर बुर्का पहनी महिलाओं की पहचान को लेकर कोई संदेह होता है, तो उनका चेहरा सामने लाना आवश्यक है।

उन्होंने तर्क दिया:

  • जब कोई महिला आधार कार्ड बनवाने या सरकारी लाभ लेने जाती है, तो वह बुर्का उठाती है
  • “क्या यह पाकिस्तान या बांग्लादेश है… यह एक धर्मनिरपेक्ष देश है”
  • “अगर किसी को यहां कोई संदेह है, तो हम उन्हें चेहरा दिखाने के लिए कहेंगे”

यह बयान तुरंत विवादास्पद हो गया और सोशल मीडिया पर जमकर चर्चा हुई। विपक्ष ने इसे सांप्रदायिक राजनीति करार दिया।

3. RJD का बिजली कटौती का दावा

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने एक अन्य महत्वपूर्ण घटनाक्रम में आरोप लगाया कि:

  • उन मतदान केंद्रों पर बिजली बार-बार काटी जा रही थी
  • जहां महागठबंधन को भारी समर्थन मिल रहा था
  • RJD ने X (Twitter) पर पोस्ट कर दावा किया
  • यह जानबूझकर मतदान की गति को धीमा करने के इरादे से किया जा रहा था

चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया:

हालांकि, चुनाव आयोग ने इस आरोप पर तत्काल प्रतिक्रिया दी।

बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने X पर इस आरोप को “पूरी तरह से निराधार और भ्रामक” बताते हुए स्पष्ट किया कि बिहार के सभी मतदान केंद्रों पर मतदान सुचारू रूप से चल रहा है

ऐतिहासिक और आगामी संदर्भ

आगामी चुनाव कार्यक्रम

इस चरण के बाद:

  • शेष 122 निर्वाचन क्षेत्रों के लिए दूसरे चरण का मतदान 11 नवंबर को होगा
  • मतों की गिनती 14 नवंबर को होनी है
  • पूर्ण परिणाम उसी दिन घोषित होंगे

2020 के पिछले चुनावों का संदर्भ

2020 के चुनाव परिणाम:

पार्टी/गठबंधन सीटें (2020)
NDA (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) 125 सीटें
महागठबंधन (विपक्ष) 110 सीटें
RJD 75 सीटें
BJP 74 सीटें
JD(U) 43 सीटें
कांग्रेस 19 सीटें

2020 में NDA ने 125 सीटें जीती थीं, जबकि विपक्षी महागठबंधन को 110 सीटें मिली थीं। उस समय RJD ने 75 सीटें जीती थीं (सबसे अधिक), BJP ने 74, JD(U) ने 43 और कांग्रेस ने 19 सीटें हासिल की थीं।

राजनीतिक विश्लेषण

इस चरण के मतदान से कुछ महत्वपूर्ण संकेत मिलते हैं:

उच्च मतदान का संकेत

60.13% मतदान एक स्वस्थ लोकतांत्रिक भागीदारी दर्शाता है, जो दोनों गठबंधनों के लिए अच्छा संकेत हो सकता है।

ग्रामीण बनाम शहरी

  • बेगूसराय जैसे ग्रामीण जिलों में अधिक मतदान
  • पटना और बांकीपुर जैसे शहरी क्षेत्रों में कम मतदान
  • यह traditional voting pattern को दर्शाता है

विवादों का प्रभाव

डिप्टी CM पर हमला और बुर्का विवाद ने:

  • चुनाव को और polarized बना दिया
  • Social media पर intense debate शुरू की
  • अगले चरण में campaigning को प्रभावित कर सकता है

बिहार विधानसभा चुनाव का पहला चरण समग्र रूप से शांतिपूर्ण रहा, लेकिन कुछ विवादास्पद घटनाओं ने चुनाव को चर्चा में ला दिया। 60.13% मतदान एक अच्छा response है।

अब सभी की नजरें 11 नवंबर के दूसरे चरण और 14 नवंबर की मतगणना पर हैं, जो बिहार की राजनीतिक दिशा तय करेगी।

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