लोक सभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बुधवार को भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर हरियाणा विधानसभा चुनावों में जनादेश ‘चुराने’ का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की जीत को भाजपा की जीत में बदलने के लिए एक जानबूझकर योजना लागू की गई थी।
गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी को अपने उम्मीदवारों से मतगणना के दौरान अनियमितताओं के संबंध में “ढेर सारी शिकायतें” मिली थीं, जिससे यह संकेत मिलता है कि छेड़छाड़ राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर हुई थी। उन्होंने इन आरोपों के समर्थन में सबूत संकलित करने की घोषणा की, जिसे उन्होंने “H फाइल्स” नाम दिया है।
खबर की मुख्य बातें:
- राहुल गांधी ने हरियाणा चुनाव में 25 लाख वोटों की चोरी का दावा किया
- “ऑपरेशन सरकार चोरी” नाम से केंद्रीकृत योजना का आरोप
- “H फाइल्स” में कथित साक्ष्य संकलित किए गए
- 5.21 लाख डुप्लीकेट मतदाता, 93,174 अवैध मतदाता, 19.26 लाख बल्क मतदाता का दावा
- चुनाव आयोग (EC) और CEC ज्ञानेश कुमार पर BJP के साथ मिलीभगत का आरोप
- Gen Z को चेतावनी – “आपका भविष्य चुराया जा रहा है”
- कांग्रेस केवल 22,779 वोटों के अंतर से हारी (8 सीटें)
‘ऑपरेशन सरकार चोरी’ और व्यापक धांधली के दावे
राहुल गांधी ने दावा किया कि “ऑपरेशन सरकार चोरी” कांग्रेस की प्रचंड जीत को हरियाणा में हार में बदलने के लिए शुरू किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस कार्रवाई से पता चलता है कि यह एक केंद्रीकृत ऑपरेशन था।
आरोपों को प्रमाणित करते हुए, उन्होंने कहा कि उनके पास “100 प्रतिशत सबूत” है। H फाइल्स में कथित हेरफेर का विवरण है, और गांधी ने बताया कि उन्होंने पहले ही मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में भी ऐसी घटनाओं का अनुभव किया था, लेकिन उन्होंने हरियाणा पर बारीकी से ध्यान केंद्रित करने का फैसला किया।
आंकड़ों के साथ ‘वोट चोरी’ का दावा
राहुल गांधी द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप और आंकड़े इस प्रकार हैं:
फर्जी मतदाताओं के आंकड़े
| श्रेणी | संख्या |
|---|---|
| कुल ‘वोट चोरी’ प्रविष्टियां | 25,41,144 (25 लाख से अधिक) |
| डुप्लीकेट मतदाता | 5,21,000 (5.21 लाख) |
| अवैध मतदाता | 93,174 |
| बल्क मतदाता | 19,26,000 (19.26 लाख) |
| फर्जी तस्वीरों वाले मतदाता | 1,24,000 (1.24 लाख) |
| अंतिम अंतर (कांग्रेस की हार) | 22,779 वोट (8 सीटें) |
मुख्य आरोप:
- हर आठ में से एक वोटर फर्जी है हरियाणा की मतदाता सूची में
- एक ही तस्वीर वाले व्यक्ति के दो बूथों में 223 वोट थे
- नाम बदलकर ‘सीमा, स्वीटी, सरस्वती’ जैसे रखे गए थे
- भाजपा से जुड़े हजारों लोगों ने उत्तर प्रदेश और हरियाणा दोनों में मतदान किया
चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप
राहुल गांधी ने इस पूरी प्रक्रिया में चुनाव आयोग (EC) की भूमिका पर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को खत्म किया जा रहा है।
EC और CEC पर विशिष्ट आरोप:
1. मिलीभगत का आरोप
उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों पर भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप लगाया, ताकि हरियाणा में उसकी जीत सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ साझेदारी में हैं।
2. डुप्लीकेट मतदाता हटाने में विफलता
उन्होंने सवाल किया कि EC मतदाता सूची से ‘डुप्लीकेट’ मतदाताओं को क्यों नहीं हटा रहा है, जबकि उसके पास ऐसा करने का सॉफ्टवेयर मौजूद है। उन्होंने कहा कि यदि EC ऐसा करता, तो चुनाव निष्पक्ष होते, और EC निष्पक्ष चुनाव नहीं चाहता।
3. CEC पर झूठ बोलने का आरोप
गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर भी आरोप लगाया कि वह भारत के लोगों से झूठ बोल रहे हैं, जब उन्होंने कहा कि घर संख्या शून्य बेघर लोगों को दिया जाता है।
4. CCTV फुटेज नष्ट करने का आरोप
उन्होंने यह भी कहा कि EC CCTV फुटेज इसलिए नष्ट करता है, क्योंकि एक व्यक्ति के दो बूथों पर एक ही फोटो के साथ 223 वोट थे। यह साक्ष्य छिपाने का प्रयास है।
Gen Z के लिए चेतावनी
राहुल गांधी ने इस ‘चोरी’ को सीधे तौर पर भारत की युवा पीढ़ी से जोड़ा। उन्होंने चेतावनी दी कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया नष्ट हो रही है, और इसके साथ ही Gen Z का भविष्य भी नष्ट हो रहा है।
उन्होंने विशेष रूप से युवा लोगों से, Gen Z से, यह स्पष्ट रूप से समझने का आग्रह किया “क्योंकि आपका भविष्य चुराया जा रहा है”।
यह बयान इस बात को रेखांकित करता है कि राहुल गांधी युवा मतदाताओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए जागरूक करना चाहते हैं।
एग्जिट पोल और पोस्टल वोट विसंगति
गांधी ने यह भी बताया कि:
एग्जिट पोल की भविष्यवाणी
चुनावों से पहले सभी शीर्ष एग्जिट पोल ने हरियाणा में कांग्रेस की शानदार जीत की ओर इशारा किया था। यह दर्शाता है कि जनता की भावना कांग्रेस के पक्ष में थी।
पोस्टल वोटों में अंतर
उन्होंने कहा कि हरियाणा में पहली बार पोस्टल वोटों के परिणाम अलग थे:
- पोस्टल मतपत्रों में कांग्रेस को 73 सीटें मिलीं
- जबकि भाजपा को केवल 17 सीटें मिलीं
यह विसंगति राहुल गांधी के आरोपों को और मजबूत करती है कि EVM मतदान में छेड़छाड़ की गई।
आश्चर्यजनक हार का उल्लेख
उन्होंने इस बात पर आश्चर्य व्यक्त किया कि इतनी बड़े पैमाने पर अनियमितताओं के बावजूद, कांग्रेस केवल 22,779 वोटों के अंतर से हार गई, जो आठ सीटों का अंतर था।
उन्होंने कहा कि उन्हें सदमा लगा और उन्हें अपनी टीम से कई बार क्रॉस चेक करने के लिए कहना पड़ा। यह इंगित करता है कि कांग्रेस नेतृत्व को परिणामों पर विश्वास नहीं हुआ।
“H फाइल्स” – साक्ष्य का संग्रह
राहुल गांधी ने घोषणा की कि उन्होंने सभी कथित अनियमितताओं और साक्ष्यों को “H फाइल्स” में संकलित किया है।
यह नाम संभवतः “Haryana Files” का संक्षिप्त रूप है और इसमें शामिल हैं:
- मतदाता सूची की विसंगतियां
- डुप्लीकेट मतदाताओं के विवरण
- फर्जी तस्वीरों का डेटा
- गवाहों के बयान
- मतगणना के दौरान की शिकायतें
गांधी का दावा है कि ये फाइल्स “100 प्रतिशत सबूत” प्रदान करती हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा
यह गंभीर आरोप निश्चित रूप से राजनीतिक बहस को तेज करेंगे। अब देखना होगा कि:
- BJP इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया देती है
- चुनाव आयोग कैसे जवाब देगा
- क्या कोई न्यायिक जांच की मांग की जाएगी
- Supreme Court में याचिका दायर होगी या नहीं
यह विवाद लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पवित्रता और चुनावी सुधारों की आवश्यकता पर एक महत्वपूर्ण बहस को जन्म दे सकता है।







