पटना/मोकामा: बिहार विधानसभा चुनाव से ठीक पहले, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल (यूनाइटेड) को एक बड़ा झटका लगा है। मोकामा सीट से JD(U) के उम्मीदवार और बिहार के पूर्व विधायक अनंत सिंह को शनिवार देर रात (नवंबर 1, 2025) गिरफ्तार कर लिया गया है। अनंत सिंह, जिन्हें “छोटे सरकार” के नाम से भी जाना जाता है, की गिरफ्तारी मोकामा में हुए एक हत्याकांड के सिलसिले में हुई है।
खबर की मुख्य बातें:
- JD(U) उम्मीदवार अनंत सिंह (“छोटे सरकार”) गिरफ्तार
- मोकामा सीट से चुनाव लड़ रहे थे
- गिरफ्तारी: शनिवार देर रात, 1 नवंबर 2025
- आरोप: 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की हत्या
- पीड़ित: पूर्व RJD नेता, स्थानीय बाहुबली
- घटना: 30 अक्टूबर, 2025 (गुरुवार)
- यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार के लिए प्रचार कर रहे थे
- पोस्टमार्टम: मौत कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर से – टूटे फेफड़े और पसलियां
- शुरू में गोली लगने की बात कही गई थी
- संकेत: यादव को कुचला गया या वाहन से टक्कर मारी गई
- गिरफ्तारी स्थल: बेदना गांव
- अनंत के साथ 2 सहयोगी भी गिरफ्तार – मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम
- 150+ पुलिसकर्मियों का देर रात ऑपरेशन
- पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने पुष्टि की
- ECI ने कड़ा रुख अपनाया
- पटना ग्रामीण SP और मोकामा RO निलंबित/तबादला
- मोकामा में 6 नवंबर को मतदान
- जातीय तनाव: यादव मुखिया बनाम भूमिहार सिंह परिवार
- अनंत का मुकाबला: वीणा देवी (RJD) – बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी
- यह चुनाव सीजन की पहली मतदान-संबंधी हत्या
क्या है मामला?
अनंत सिंह की गिरफ्तारी 75 वर्षीय दुलारचंद यादव की हत्या से संबंधित है। दुलारचंद यादव एक स्थानीय बाहुबली और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व नेता थे।
घटना का विवरण
यह घटना गुरुवार, 30 अक्टूबर को हुई थी, जब यादव जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी के लिए मोकामा ताल क्षेत्र में चुनाव प्रचार कर रहे थे। यह घटना प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक समूहों के बीच हिंसक झड़प के बाद हुई थी।
FIR में आरोपी
मृतक दुलारचंद यादव के पोते द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी (FIR) में अनंत सिंह, उनके भतीजों और अन्य लोगों को सीधे तौर पर आरोपी बनाया गया था। अनंत सिंह मोकामा से कई बार विधायक रह चुके हैं।
मौत का कारण और गिरफ्तारी का आधार
शुरुआत में यह बताया गया था कि यादव को गोली लगी थी। हालांकि, बाद की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि हुई कि उनकी मौत का कारण कार्डियोरेस्पिरेटरी फेलियर था, जो टूटे हुए फेफड़े और कई पसली टूटने के कारण हुआ।
पोस्टमार्टम के निष्कर्ष
रिपोर्ट से संकेत मिलता है कि टखने में गैर-घातक गोली लगने के बाद उन्हें कुचल दिया गया या किसी वाहन से टक्कर मार दी गई।
गिरफ्तारी का आधार
पुलिस अधिकारियों ने देर रात प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सिंह की गिरफ्तारी उनके दो सहयोगियों— मणिकांत ठाकुर और रंजीत राम—के साथ बेदना गांव से की गई।
पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) कार्तिकेय शर्मा ने गिरफ्तारी की पुष्टि की। पुलिस ने कहा कि यह गिरफ्तारी साक्ष्य, चश्मदीदों के बयान और पोस्टमार्टम निष्कर्षों पर आधारित है, क्योंकि घटना उम्मीदवार (अनंत सिंह) की उपस्थिति में हुई थी।
मोकामा में राजनीतिक और जातीय तनाव
अनंत सिंह का JD(U) के टिकट पर चुनावी मैदान में उतरना पहले ही इस क्षेत्र को संवेदनशील बना चुका था। मोकामा में 6 नवंबर को मतदान होना है, और इस क्षेत्र का इतिहास जातिगत राजनीति और शक्तिशाली बाहुबलियों के बीच प्रतिद्वंद्विता से भरा रहा है।
जातीय प्रतिद्वंद्विता
इस हत्या ने इस चुनावी लड़ाई में गहरे व्यक्तिगत और जातीय प्रतिद्वंद्विता की एक परत और जोड़ दी है। दुलारचंद यादव (यादव मुखिया) सिंह परिवार (भूमिहार जाति) के ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्वी थे।
चुनावी मुकाबला
सिंह का मुकाबला मुख्य रूप से प्रतिद्वंद्वी बाहुबली सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी से है, जो राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया और प्रशासन की कार्रवाई
यह हत्या बिहार में इस चुनाव सीजन की पहली मतदान-संबंधी हत्या है, जिसने सत्तारूढ़ गठबंधन (JD(U)) पर भारी दबाव डाल दिया है। विपक्ष, जिसका नेतृत्व तेजस्वी यादव की RJD कर रही है, ने हिंसा की निंदा करते हुए राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं।
जन सुराज की प्रतिक्रिया
जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार पीयूष प्रियदर्शी ने इस गिरफ्तारी को “एक अच्छा संकेत” बताया, लेकिन यह भी कहा कि यह कार्रवाई पहले होनी चाहिए थी। प्रियदर्शी ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बावजूद अनंत सिंह 50 गाड़ियों के काफिले के साथ प्रचार कर रहे थे।
चुनाव आयोग का कड़ा रुख
इस गंभीर घटना पर भारत के चुनाव आयोग (ECI) ने कड़ा रुख अपनाया। ECI ने आचार संहिता बनाए रखने में चूक का हवाला देते हुए पटना ग्रामीण SP और मोकामा रिटर्निंग ऑफिसर सहित कई स्थानीय अधिकारियों के निलंबन और तबादले का आदेश दिया।
बड़े पैमाने पर ऑपरेशन
150 से अधिक पुलिसकर्मियों को शामिल करके चलाए गए बड़े पैमाने पर देर रात के ऑपरेशन में अनंत सिंह की गिरफ्तारी, चुनाव पूर्व हिंसा से निपटने में प्रशासन की गंभीरता को दर्शाती है।
हालांकि, वोटिंग से ठीक पहले यह गिरफ्तारी JD(U) के अभियान को गंभीर रूप से जटिल बनाती है।
यह स्थिति बिहार चुनाव के सबसे महत्वपूर्ण निर्वाचन क्षेत्रों में से एक में राजनीतिक उथल-पुथल पैदा करती है। यह गिरफ्तारी एक मजबूत संदेश देती है, लेकिन यह देखना बाकी है कि पुलिस पूरे मामले की जांच कैसे करती है, जो चुनाव परिणाम को भी प्रभावित कर सकती है।







