‘शीश महल 2.0’: चंडीगढ़ में केजरीवाल के कथित 7-स्टार बंगले पर विवाद, BJP और AAP आमने-सामने

बीजेपी ने चंडीगढ़ में दो एकड़ की कथित '7-स्टार सरकारी कोठी' को 'शीश महल 2.0' बताकर पूर्व दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल पर हमला किया है। उन पर पंजाब सरकार के संसाधनों का दुरुपयोग करने का आरोप है। यह विवाद स्वाति मालीवाल के दावों के बाद शुरू हुआ। हालांकि, आप ने इसे 'फर्जी खबर' बताते हुए स्पष्ट किया कि यह मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय है।
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भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पूर्व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर पंजाब सरकार के संसाधनों का उपयोग करके चंडीगढ़ में एक विशाल दो एकड़ के बंगले के निर्माण का आरोप लगाते हुए एक नया राजनीतिक हमला बोला है, जिसे उन्होंने ‘शीश महल 2.0’ नाम दिया है। यह आलोचना पूर्व दिल्ली महिला आयोग (DCW) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद आई है, जिन्होंने पहले दावा किया था कि केजरीवाल को सार्वजनिक संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए चंडीगढ़ में एक “आलीशान 7-स्टार सरकारी हवेली” आवंटित की गई है।

खबर की मुख्य बातें:

  • BJP ने केजरीवाल पर चंडीगढ़ में दो एकड़ के 7-स्टार बंगले का आरोप लगाया
  • इसे ‘शीश महल 2.0’ नाम दिया गया
  • पंजाब सरकार के संसाधनों का दुरुपयोग का आरोप
  • बंगला सेक्टर 2, चंडीगढ़ में स्थित
  • मुख्यमंत्री के कोटे से आवंटित किया गया
  • BJP: केजरीवाल न मंत्री, न विधायक फिर भी बंगला
  • BJP ने केजरीवाल को “सुपर सीएम” कहा
  • सैटेलाइट इमेज साझा की
  • स्वाति मालीवाल ने पहले आरोप लगाया था
  • मालीवाल: सरकारी हेलीकॉप्टर और निजी जेट का इस्तेमाल
  • AAP ने आरोप खारिज किए – “फर्जी खबर”
  • AAP: यह “मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय” है
  • AAP: आवंटन पत्र कहां है?
  • AAP: चंडीगढ़ प्रशासन BJP के अधीन है
  • दिल्ली ‘शीश महल’: 2024 में विवाद शुरू हुआ था
  • दिल्ली में 52 करोड़ रुपये का ‘शीश महल’
  • 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) का निर्माण

बीजेपी के आरोप: शाही ठाठ-बाट और ‘सुपर सीएम’ का तंज

बीजेपी का आरोप है कि दिल्ली में 52 करोड़ रुपये का ‘शीश महल’ बनवाने के बाद, केजरीवाल अब चंडीगढ़ में दो एकड़ में फैली 7-स्टार सरकारी कोठी में “आराम फरमाएंगे”

बीजेपी ने इस बात पर जोर दिया कि केजरीवाल न तो मंत्री हैं, न विधायक, फिर भी उन्हें मुख्यमंत्री के कोटे से चंडीगढ़ के सेक्टर 2 में यह आलीशान 7-स्टार सरकारी बंगला आवंटित किया गया है।

‘सुपर सीएम’ का तंज

बीजेपी ने ‘आप’ नेता को “सुपर सीएम” कहकर उनका मज़ाक उड़ाया और बंगले की सैटेलाइट इमेज भी साझा की। बीजेपी ने X पर कहा, “जनता के सामने आम आदमी होने का ड्रामा करने वाले सर जी के शाही ठाठ कम होने का नाम ही नहीं ले रहे हैं।”

स्वाति मालीवाल के पहले के दावे

बीजेपी के हमले से पहले, स्वाति मालीवाल ने ही आरोप लगाया था कि केजरीवाल को पंजाब में एक “और भी शानदार शीश महल” आवंटित किया गया है। मालीवाल ने यह भी आरोप लगाया था कि पंजाब सरकार एक व्यक्ति की सेवा में लगी हुई है।

हेलीकॉप्टर और निजी जेट का आरोप

उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल कल अंबाला के लिए अपने घर के ठीक सामने से सरकारी हेलीकॉप्टर में सवार हुए थे, और फिर अंबाला से, पंजाब सरकार के निजी जेट ने उन्हें पार्टी के काम के लिए गुजरात पहुँचाया।

आप का खंडन: “फर्जी दावा” और “सीएम का कैंप कार्यालय”

आम आदमी पार्टी (AAP) ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि यह सब “फर्जी खबर” है। AAP ने इन दावों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जिस ढांचे की बात की जा रही है, वह मुख्यमंत्री का कैंप कार्यालय है।

AAP का पलटवार

‘आप’ ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि जब से “प्रधानमंत्री की फर्जी यमुना की कहानी” का पर्दाफाश हुआ है, तब से बीजेपी बौखला गई है और अपनी हताशा में आजकल सब कुछ फर्जी कर रही है।

आवंटन पत्र की मांग

‘आप’ ने बीजेपी के दावों को “फर्जी 7-स्टार दावा” बताते हुए सवाल किया कि अगर केजरीवाल को घर आवंटित किया गया है, तो आवंटन पत्र कहां है?

‘आप’ ने यह भी दावा किया कि चूंकि चंडीगढ़ प्रशासन बीजेपी के अधीन है, इसलिए केवल वही वहां कुछ बनवा सकती है, कोई और नहीं।

दिल्ली ‘शीश महल’ विवाद की पृष्ठभूमि

चंडीगढ़ विवाद ‘शीश महल’ की पुरानी पंक्ति को याद दिलाता है, जो 2024 में शुरू हुई थी, जब अरविंद केजरीवाल दिल्ली के मुख्यमंत्री थे।

विजेंद्र गुप्ता की शिकायत

उस समय बीजेपी नेता विजेंद्र गुप्ता की शिकायत पर केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) ने एक तथ्यात्मक रिपोर्ट प्रस्तुत की थी। गुप्ता ने आरोप लगाया था कि केजरीवाल ने 6 फ्लैग स्टाफ रोड पर स्थित अपने आधिकारिक निवास के निर्माण के लिए भवन निर्माण नियमों का उल्लंघन किया।

निर्माण का विवरण

शिकायत में कहा गया था कि इस आलीशान हवेली (‘शीश महल’) का निर्माण 40,000 वर्ग गज (8 एकड़) में किया गया, जिसमें:

  • राजपुर रोड पर प्लॉट संख्या 45 और 47 (जो पहले वरिष्ठ अधिकारियों और न्यायाधीशों के लिए टाइप-V फ्लैट थे)
  • दो बंगले (8-ए और 8-बी, फ्लैग स्टाफ रोड) शामिल थे, जिन्हें गिराकर नए निवास में मिला दिया गया

नियमों का उल्लंघन

शिकायत के अनुसार, यह निर्माण ग्राउंड कवरेज और फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) मानदंडों का उल्लंघन था और इसमें उचित लेआउट योजना अनुमोदन की कमी थी।

गुप्ता ने मुख्य सतर्कता आयुक्त को लिखी अपनी शिकायत में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं का भी उल्लेख किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि केजरीवाल ने अपने आवास पर करदाताओं के करोड़ों रुपये विलासिता की वस्तुओं पर खर्च किए।

चंडीगढ़ में कथित 7-स्टार बंगले को लेकर बीजेपी द्वारा ‘शीश महल 2.0’ का नाम देना, यह दर्शाता है कि यह विवाद केवल एक आवास का नहीं, बल्कि केजरीवाल की ‘आम आदमी’ की छवि और उनके कथित “शाही ठाठ-बाट” के बीच के विरोधाभास पर केंद्रित है। जहां बीजेपी इसे सार्वजनिक संसाधनों का घोर दुरुपयोग बता रही है, वहीं AAP इन आरोपों को हताशा में फैलाया गया फर्जी प्रचार बताकर खारिज कर रही है।

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