अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर): जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक सत्र न्यायालय ने अपनी ही 15 वर्षीय बेटी का यौन उत्पीड़न, बलात्कार और उसे गर्भवती करने के जघन्य अपराध में एक व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला अनंतनाग के प्रिंसिपल सेशन जज ताहिर खुर्शीद रैना ने सुनाया, जिन्होंने इस अपराध को “अत्यंत नीचता” का प्रतीक बताया।
खबर की मुख्य बातें:
- अनंतनाग सत्र न्यायालय ने दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई
- आरोपी ने अपनी 15 साल की बेटी का यौन उत्पीड़न और बलात्कार किया
- 25 जनवरी 2022 को घटना घटी, पीड़िता गर्भवती हो गई
- प्रिंसिपल सेशन जज ताहिर खुर्शीद रैना ने फैसला सुनाया
- जज ने अपराध को “अत्यंत नीचता, मानसिक विकृति और नैतिक मूल्यों के पतन” का प्रतीक बताया
- पीड़िता ने अदालत में आंसुओं से भीगकर गवाही दी
- पीड़िता का सवाल: ‘क्या कोई पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा करता है?’
- जज ने इस सवाल को समाज को जगाने के लिए एक कॉल बताया
- अदालत ने पूछा: ‘क्या हमारी बेटियां घरों में सुरक्षित हैं?’
- जज ने एक अन्य मामले का उल्लेख: दादा पर पोती से 2 साल तक बलात्कार का आरोप
- अनंतनाग महिला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज
- IPC धारा 376(3) (बलात्कार) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत केस
- POCSO Act धारा 6 (गंभीर यौन हमला) के तहत भी अपराध दर्ज
न्यायालय ने अपराध को बताया ‘मानसिक विकृति’
अनंतनाग के प्रिंसिपल सेशन जज, ताहिर खुर्शीद रैना ने इस अपराध की निंदा करते हुए कहा कि यह मामला अत्यंत नीचता, मानसिक विकृति, और नैतिक मूल्यों के पतन का प्रतीक है। जज रैना ने इस जघन्य कृत्य पर अपना स्तब्ध (shocked) होना भी व्यक्त किया।
पीड़िता का मार्मिक सवाल
अदालत में बलात्कार पीड़िता ने अपने पिता के खिलाफ गवाही दी। गवाही के दौरान वह आंसुओं से भीगी हुई थी और उसने गहरे सदमे की स्थिति में अपने दोषी पिता से एक सवाल पूछा, जिसने इस जघन्य अपराध को अंजाम देने के लिए उसे दबाया था।
पीड़िता का यह सवाल था, ‘क्या कोई पिता अपनी बेटी के साथ ऐसा करता है?’
समाज के लिए ‘जागरूकता का आह्वान’
जस्टिस रैना ने पीड़िता द्वारा उठाए गए इस सवाल को हमारे समाज को जगाने के लिए एक कॉल (a call) बताया। उन्होंने कहा कि यह प्रश्न बच्चों की सुरक्षा के बारे में गंभीर सवाल उठाता है।
बेटियों की सुरक्षा पर सवाल
अदालत ने बेटियों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए कहा, ‘क्या हमारी बेटियां इतनी सुरक्षित हैं कि वे जीवित रह सकें, टिक सकें और अपने जीवन का पूरा आनंद ले सकें? क्या वे वास्तव में अपने घरों में सुरक्षित हैं?’
न्यायालय ने पीड़िता द्वारा दोषी पिता से पूछा गया इस सवाल को आंखें खोलने वाला बताया।
एक अन्य मामले का भी उल्लेख
अदालत ने इस मामले की सुनवाई के दौरान एक दुखद विडंबना का भी उल्लेख किया। जस्टिस ने बताया कि अदालत एक अन्य मामले की भी सुनवाई कर रही है, जिसमें एक दादा पर अपनी पोती के साथ दो साल तक लगातार बलात्कार करने का आरोप है।
अपराध विवरण और दर्ज धाराएं
रिपोर्ट के अनुसार, जब आरोपी पिता ने 25 जनवरी 2022 को अपनी बेटी के साथ बलात्कार किया और उसे गर्भवती कर दिया, तब पीड़िता की उम्र लगभग 15 वर्ष थी।
कानूनी कार्रवाई
आरोपी व्यक्ति के खिलाफ अनंतनाग के महिला पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई थी। उस पर निम्नलिखित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किए गए:
भारतीय दंड संहिता (IPC):
- धारा 376(3) – बलात्कार
- धारा 506 – आपराधिक धमकी
बच्चों को यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (POCSO Act):
- धारा 6 – गंभीर यौन हमला






