चुनाव आयोग आज (संभावित रूप से) देश के विभिन्न राज्यों में वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) लागू करने पर एक बड़ा ऐलान कर सकता है। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है, जिसने पूरे बंगाल के राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। ममता बनर्जी सरकार ने सोमवार को आदेश जारी करते हुए राज्य की नौकरशाही में बड़ा फेरबदल किया और कई जिलों के जिला अधिकारी (DM) को स्थानांतरित कर दिया। राजनीतिक हलकों में इस कार्रवाई को ‘बड़ा खेला’ बताया जा रहा है।
खबर की मुख्य बातें:
- चुनाव आयोग आज SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) की घोषणा कर सकता है
- SIR के तहत मतदाता सूचियों को दुरुस्त किया जाएगा
- ममता बनर्जी सरकार ने सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया
- 10 जिलों के DM बदले गए
- चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से ठीक पहले यह कदम
- महत्वपूर्ण: SIR शुरू होने के बाद DM का तबादला नहीं हो सकता
- नबन्ना (राज्य सचिवालय) ने समय पर आदेश जारी किया
- DM बदले गए जिले: उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, कूचबिहार, मुर्शिदाबाद, पुरुलिया
- अन्य जिले: दार्जीलिंग, मालदा, बीरभूम, झारग्राम, पूर्व मेदिनीपुर
- विपक्ष का आरोप: प्रशासनिक मशीनरी को अपने हिसाब से साधने की तैयारी
- राज्य सरकार: यह ‘नियमित प्रशासनिक फेरबदल’ है
- असम CM हिमंत बिस्वा सरमा: SIR का स्वागत करेंगे
- हरियाणा मंत्री अनिल विज: चुनाव आयोग बेहतरीन काम कर रहा है
- विज: मतदाता सूचियां बिल्कुल सही होनी चाहिए
- राजनीतिक गलियारों में इसे ‘बड़ा खेला’ बताया जा रहा
SIR की घोषणा से पहले क्यों की गई ये कार्रवाई?
चुनाव आयोग आज देशभर में SIR लागू करने की घोषणा करने वाला है, जिसके तहत मतदाता सूचियों को दुरुस्त किया जाएगा। यह प्रक्रिया पूरे देश में लागू होने वाली है, जिसके लिए चुनाव आयोग ने सभी राज्यों के चुनाव आयुक्तों को पहले ही ऑर्डर दे दिए थे।
समय का महत्व
इस फेरबदल का समय इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि एक बार SIR प्रक्रिया शुरू हो जाने के बाद जिला मजिस्ट्रेटों का तबादला नहीं किया जा सकता। नबन्ना (राज्य सचिवालय) ने यह आदेश चुनाव आयोग की घोषणा से ठीक पहले जारी किया, जिसका उद्देश्य है कि प्रशासनिक नियंत्रण सरकार के हाथ में बना रहे।
किन-किन जिलों के डीएम बदले गए?
पश्चिम बंगाल सरकार ने जो फेरबदल किया, उसके तहत कई अधिकारियों को जिला मजिस्ट्रेट की जिम्मेदारी से हटाया गया, जबकि कुछ को नए जिलों में तैनाती दी गई है।
जिन जिलों में डीएम बदले गए:
- उत्तर 24 परगना
- दक्षिण 24 परगना
- कूचबिहार
- मुर्शिदाबाद
- पुरुलिया
- दार्जीलिंग
- मालदा
- बीरभूम
- झारग्राम
- पूर्व मेदिनीपुर
यह कदम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है, और इस पर हलचल तेज है।
विपक्ष का आरोप: प्रशासनिक मशीनरी को साधने की तैयारी
विपक्षी दलों का कहना है कि ममता बनर्जी सरकार चुनाव से पहले प्रशासनिक मशीनरी को अपने हिसाब से तैयार करने की कोशिश कर रही है। उनका मानना है कि यह फेरबदल आगामी चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित करने की रणनीति का हिस्सा है।
राज्य सरकार का जवाब
हालांकि, राज्य सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। राज्य सरकार का कहना है कि यह एक ‘नियमित प्रशासनिक फेरबदल’ है, और इसका SIR या किसी चुनावी प्रक्रिया से कोई संबंध नहीं है।
SIR पर अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया
जहां पश्चिम बंगाल में प्रशासनिक फेरबदल को लेकर राजनीतिक बहस तेज है, वहीं अन्य राज्यों ने चुनाव आयोग के संभावित SIR घोषणा का स्वागत किया है।
असम का स्वागत
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि वे जानते हैं कि भारत का चुनाव आयोग आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहा है। उन्होंने कहा कि अगर SIR की देश भर में घोषणा की जाती है, तो हम इसका स्वागत करेंगे।
हरियाणा की सराहना
हरियाणा सरकार में मंत्री अनिल विज ने चुनाव आयोग के काम की सराहना की। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग बहुत बेहतरीन काम कर रहा है और अपनी मतदाता सूचियों को दुरुस्त कर रहा है। उन्होंने जोर दिया कि मतदाता सूचियां बिल्कुल सही होनी चाहिए।
फिलहाल, सभी की निगाहें चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर टिकी हैं, लेकिन SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले ममता बनर्जी का यह बड़ा ‘खेला’ बंगाल की राजनीति में गरमाहट ला चुका है।







