प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को रूपांतरित करने के उद्देश्य से शनिवार को ₹42,000 करोड़ मूल्य की परियोजनाओं का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य भारतीय कृषि को मजबूत करना और किसानों को वैश्विक बाजार के लिए तैयार करना है।
खबर की मुख्य बातें:
- PM मोदी ने ₹42,000 करोड़ की कृषि परियोजनाओं का किया उद्घाटन
- ₹815 करोड़ की अतिरिक्त परियोजनाओं की रखी आधारशिला
- पीएम धन धान्य कृषि योजना और दाल मिशन की हुई शुरुआत
- ₹35,440 करोड़ का दो प्रमुख योजनाओं के लिए परिव्यय
- पिछले 11 वर्षों में कृषि निर्यात लगभग दोगुना
- अनाज उत्पादन में 900 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि
- भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर एक
- 10,000 FPOs में 50 लाख किसान सदस्य बने
यह कार्यक्रम कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ, जहां प्रधानमंत्री ने न केवल परियोजनाओं का उद्घाटन किया, बल्कि लगभग ₹815 करोड़ की अतिरिक्त परियोजनाओं के लिए आधारशिला भी रखी।
दो प्रमुख योजनाओं पर बड़ा दांव
कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए, दो महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की गई, जिसके लिए भारी वित्तीय आवंटन किया गया है:
1. पीएम धन धान्य कृषि योजना
2. दालों में आत्मनिर्भरता के लिए मिशन (Mission for Aatmanirbharta in Pulses)
इन दोनों प्रमुख योजनाओं के लिए कुल मिलाकर ₹35,440 करोड़ का परिव्यय रखा गया है। इसके अलावा, कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्रों में ₹5,450 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं भी शुरू की गईं।
विकसित भारत के निर्माण में किसानों की भूमिका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि ‘विकसित भारत’ (Viksit Bharat) के निर्माण में किसानों की एक प्रमुख भूमिका है। उन्होंने कहा कि भारत को न केवल खाद्य में आत्मनिर्भर बनना चाहिए, बल्कि वैश्विक बाजार के लिए निर्यात-उन्मुख फसलों का उत्पादन भी करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने पिछले 11 वर्षों में कृषि क्षेत्र की उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने कृषि क्षेत्र की उपेक्षा की थी, लेकिन पिछले 11 वर्षों में इस क्षेत्र में जबरदस्त वृद्धि देखी गई है:
- भारत का कृषि निर्यात लगभग दोगुना हो गया है।
- अनाज उत्पादन में लगभग 900 लाख मीट्रिक टन की वृद्धि हुई है।
- फल और सब्जी उत्पादन में 640 लाख मीट्रिक टन से अधिक की वृद्धि हुई है।
- आज, भारत दूध उत्पादन में दुनिया में नंबर एक है।
प्रधानमंत्री ने यह भी बताया कि सरकार ने “बीज से लेकर बाजार तक” किसानों के हित में सुधार किए हैं।
दालों पर विशेष ध्यान और जीएसटी के लाभ
पीएम मोदी ने किसानों से गेहूं और चावल के अलावा फसलों में विविधीकरण करने का आग्रह किया और विशेष रूप से दालों पर ध्यान केंद्रित करने को कहा ताकि प्रोटीन सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन को बढ़ाकर भारत की आयात पर निर्भरता को कम करने के लिए ‘दाल मिशन’ आवश्यक है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में हुई जीएसटी कटौती से ग्रामीण भारत और किसानों को अधिकतम लाभ मिला है। यह सुधार गाँव के लोगों, किसानों और पशु पालकों को सबसे अधिक लाभ पहुँचा रहे हैं।
पशुपालन और आधुनिक तकनीक का सशक्तिकरण
प्रधानमंत्री ने कहा कि पशुपालन, मछली पालन और मधुमक्खी पालन पर जोर दिया जा रहा है, जिसने छोटे किसानों और भूमिहीन परिवारों को सशक्त बनाया है। गांवों में ‘नमो ड्रोन दीदी’ उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव के आधुनिक तरीकों में नेतृत्व कर रही हैं।
उद्घाटन की गई प्रमुख परियोजनाएं
इस कार्यक्रम में कई विशिष्ट परियोजनाओं का भी उद्घाटन किया गया जो देश भर के कृषि और संबद्ध क्षेत्रों को लाभ पहुंचाएंगी:
कृत्रिम गर्भाधान प्रशिक्षण केंद्र: बेंगलुरु और जम्मू और कश्मीर में।
उत्कृष्टता केंद्र (Centres of Excellence): अमरेली और बनास में।
आईवीएफ लैब: राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत असम में।
दूध पाउडर संयंत्र: मेहसाणा, इंदौर और भीलवाड़ा में।
मछली फ़ीड संयंत्र: प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत तेजपुर में।
किसान उत्पादक संगठन में महत्वपूर्ण मील के पत्थर
सरकारी पहलों के तहत महत्वपूर्ण उपलब्धियां भी दर्ज की गईं:
- 10,000 किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) में 50 लाख किसान सदस्य बने हैं।
- वर्ष 2024-25 में 1,100 FPOs ने ₹1 करोड़ से अधिक का वार्षिक कारोबार दर्ज किया है।
प्रधानमंत्री ने देश को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए “हर क्षेत्र में लगातार सुधार करने, प्रगति करते रहने” की आवश्यकता पर भी जोर दिया।






