कफ सिरप में जहर का संकट: स्वास्थ्य मंत्रालय की आपात बैठक; MP, राजस्थान, तमिलनाडु और केरल में बड़ी कार्रवाई

कफ सिरप में मिलावट के गंभीर संकट के बीच, स्वास्थ्य मंत्रालय आज (रविवार, 5 अक्टूबर 2025) शाम 4 बजे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण आपातकालीन बैठक कर रहा है। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में 14 बच्चों की मौत 'कोल्ड्रिफ' कफ सिरप में अत्यधिक जहरीले डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) पाए जाने के बाद हुई है, जिसके चलते देशव्यापी कार्रवाई शुरू हो गई है।

Gurpreet Singh

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नई दिल्ली, 5 अक्टूबर 2025 – भारत का स्वास्थ्य मंत्रालय दूषित कफ सिरप के संकट से निपटने के लिए आज रविवार को शाम 4 बजे एक आपातकालीन बैठक आयोजित करने जा रहा है। यह बैठक मध्य प्रदेश में कफ सिरप से जुड़ी मौतों की कई घटनाओं के बाद बुलाई गई है।

स्वास्थ्य सचिव की अध्यक्षता में होगी बैठक

इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता स्वास्थ्य सचिव करेंगे और इसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रधान सचिव, स्वास्थ्य सचिव और ड्रग कंट्रोलर शामिल होंगे। चर्चा के दो मुख्य केंद्र बिंदु होंगे – कफ सिरप का तर्कसंगत उपयोग और दवाओं की गुणवत्ता।

आज की बैठक का उद्देश्य देश में फार्मास्युटिकल उत्पादों, विशेषकर ओवर-द-काउंटर दवाओं जैसे कफ सिरप की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियंत्रण उपायों को मजबूत करना है। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि कफ सिरप आमतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए अनुशंसित नहीं होते हैं।

मध्य प्रदेश में 14 बच्चों की मौत

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में ‘कोल्ड्रिफ’ (Coldrif) कफ सिरप के सेवन के बाद 14 बच्चों की मौत संदिग्ध किडनी फेलियर के कारण हुई है। अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि दवा के नमूनों में 48.6 प्रतिशत तक डायथाइलीन ग्लाइकॉल (Diethylene glycol) नामक एक अत्यधिक विषैला पदार्थ पाया गया है।

जहरीला रसायन: डायथाइलीन ग्लाइकॉल

डायथाइलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक औद्योगिक रसायन है जिसका उपयोग एंटी-फ्रीज और ब्रेक तरल पदार्थों में किया जाता है। जब इसे निगला जाता है, तो यह गंभीर किडनी फेलियर और मृत्यु का कारण बनता है।

कार्रवाई और गिरफ्तारी

रिपोर्ट मिलने के बाद, मध्य प्रदेश सरकार ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है। इसके अलावा, सरकार ने इसके निर्माता, तमिलनाडु के कांचीपुरम स्थित मेसर्स सरेसन फार्मास्युटिकल (Sresan Pharmaceutical) के सभी उत्पादों की बिक्री पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। मध्य प्रदेश सरकार ने स्रिसन फार्मास्युटिकल्स के खिलाफ मामला भी दर्ज किया है।

कार्रवाई करते हुए, छिंदवाड़ा में एक डॉक्टर को रविवार को गिरफ्तार किया गया। मृतक बच्चों में से अधिकांश का इलाज बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सोनी के निजी क्लिनिक में हुआ था। डॉ. सोनी, जो एक सरकारी डॉक्टर के रूप में भी कार्यरत हैं, पर कथित तौर पर खांसी और मौसमी बुखार से पीड़ित कई बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप लिखने का आरोप है।

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (CDSCO) द्वारा बीमार बच्चों द्वारा सेवन की गई छह अन्य दवाइयों (एंटीबायोटिक्स, ज्वरनाशक, और ओन्डेनसेट्रॉन सहित) के परीक्षणों में DEG/EG दूषित पदार्थों की अनुपस्थिति पाई गई है।

देशव्यापी सख्ती और नियामक कदम

केंद्र सरकार ने गुणवत्ता से समझौता करने वाले सभी दवा निर्माताओं के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करने का वादा किया है। CDSCO ने नियामक कमियों की पहचान करने और भविष्य में गुणवत्ता विफलताओं को रोकने के लिए देश भर की दवा निर्माण इकाइयों के जोखिम-आधारित निरीक्षण (risk-based inspections) का आदेश दिया है।

राजस्थान में भी संकट

मध्य प्रदेश के अलावा, राजस्थान में भी दवाओं के प्रतिकूल प्रभाव की शिकायतें सामने आई हैं। राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने कहा कि भरतपुर और सीकर में ड्रेक्सट्रोमेथॉर्फ़न एचबीआर सिरप (Dextromethorphan HBr Syrup) से जुड़े प्रतिकूल प्रभावों की रिपोर्ट के बाद, केसन फार्मा (Kaysan Pharma), जयपुर द्वारा आपूर्ति की गई 19 दवाओं को निलंबित कर दिया गया है।

शिकायतें और लक्षण

28 सितंबर 2025 को भरतपुर से ड्रेक्सट्रोमेथॉर्फ़न सिरप के बैच नंबर KL-25/147 के संबंध में शिकायतें मिली थीं, और अगले दिन सीकर से बैच KL-25/148 के बारे में शिकायत आई। मंत्री ने बताया कि मरीजों ने सिरप पीने के बाद उल्टी, चक्कर आना, बेहोशी और उनींदापन की शिकायत की।

पदाधिकारियों पर कार्रवाई

इस मामले में लापरवाही के लिए दो स्वास्थ्य अधिकारियों – डॉ. पलक कूलवाल और फार्मासिस्ट पप्पू सोनी – को निलंबित कर दिया गया। निगरानी में खामियों के लिए राज्य ड्रग कंट्रोलर राजाराम शर्मा को भी निलंबित किया गया।

नई एडवाइजरी जारी

ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताजा एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि ड्रेक्सट्रोमेथॉर्फ़न दो साल से कम उम्र के बच्चों को नहीं दिया जाना चाहिए और सामान्य तौर पर इसे केवल पांच साल से ऊपर के बच्चों के लिए निर्धारित किया जाना चाहिए। राजस्थान सरकार ने सभी डॉक्टरों को इन दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया है।

अन्य राज्यों में कोल्ड्रिफ पर प्रतिबंध

मध्य प्रदेश और राजस्थान की घटनाओं के बाद, अन्य राज्यों ने भी कोल्ड्रिफ कफ सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है:

तमिलनाडु

तमिलनाडु सरकार ने 1 अक्टूबर से प्रभावी करते हुए ‘कोल्ड्रिफ’ कफ सिरप की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है और इसे बाजार से हटाने का आदेश दिया है। तमिलनाडु के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के एक अधिकारी के अनुसार, पिछले दो दिनों में कांचीपुरम जिले में निर्माता कंपनी की सुविधा पर निरीक्षण किया गया और नमूने एकत्र किए गए हैं। कंपनी राजस्थान, मध्य प्रदेश और पुडुचेरी को दवाएं सप्लाई करती है।

केरल

केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि राज्य ड्रग्स कंट्रोल विभाग ने कोल्ड्रिफ कफ सिरप की बिक्री निलंबित कर दी है। हालांकि प्रारंभिक जांच में पता चला कि संदिग्ध बैच केरल में नहीं बेचा गया था, फिर भी सुरक्षा को देखते हुए ड्रग कंट्रोलर ने वितरण और बिक्री को पूरी तरह से रोकने का निर्देश दिया है। केरल में आठ वितरकों को बिक्री और वितरण रोकने का निर्देश दिया गया है।

उत्तराखंड

उत्तराखंड सरकार ने मध्य प्रदेश और राजस्थान में बच्चों की मौत के मद्देनजर शनिवार को राज्य भर के मेडिकल स्टोर और थोक दवा डीलरों पर छापे मारे। अधिकारियों ने दवा निरीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे एक महीने के भीतर चरणबद्ध तरीके से अस्पतालों और दुकानों से कफ सिरप के नमूने एकत्र करें और गुणवत्ता प्रयोगशाला में जांच कराएं, ताकि किसी भी खराब या हानिकारक दवा को तुरंत बाजार से हटाया जा सके। मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को केंद्र सरकार से प्राप्त एडवाइजरी को तत्काल लागू करने का आदेश दिया गया है।


स्वास्थ्य मंत्रालय की यह आपात बैठक देश भर में दवा सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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